2026 में कैसे बदल रही हैं Privacy Tools: Secure Email, Messaging और Browsers का सही चुनाव
द्वारा Mag-Info Tech editorial · 2026-06-10

2026 में डिजिटल गोपनीयता सिर्फ एक विकल्प नहीं रह गई है – यह एक आवश्यकता बन चुकी है। सरकारों, निगमों और साइबर अपराधियों द्वारा डेटा संग्रह के बढ़ते दबाव के बीच, Secure Email, End-to-End Encrypted Messaging और Privacy-First Browsers जैसे टूल अब आम उपयोगकर्ताओं के लिए भी सुलभ हो गए हैं। लेकिन इतने सारे विकल्पों में से सही टूल चुनना मुश्किल हो सकता है। यह गाइड आपको बताएगी कि 2026 में Privacy Tools कैसे विकसित हो रहे हैं, कौन से टूल सबसे विश्वसनीय हैं, और आपकी आवश्यकताओं के अनुसार कौन सा विकल्प सबसे अच्छा रहेगा।
क्यों 2026 में Privacy Tools की ज़रूरत बढ़ गई है
डिजिटल दुनिया में गोपनीयता का संकट लगातार गहराता जा रहा है। 2026 तक, ऑनलाइन गतिविधि पर नज़र रखने वाले उपकरण और तकनीकें पहले से कहीं अधिक परिष्कृत हो चुकी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स और यहां तक कि सरकारी एजेंसियां भी उपयोगकर्ता के व्यवहार का विश्लेषण करने के लिए उन्नत AI और डेटा माइनिंग तकनीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में, पारंपरिक सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं रह गए हैं।
इस बदलाव ने Privacy Tools के विकास को तेज़ कर दिया है। जहां पहले सिर्फ VPN और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर ही पर्याप्त माने जाते थे, वहीं अब Secure Email सेवाओं, End-to-End Encrypted Messaging प्लेटफॉर्म और Privacy-First Browsers जैसे टूल बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। ये टूल न केवल आपके डेटा को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि आपकी ऑनलाइन पहचान को भी छुपाने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, Secure Email सेवाएं अब सिर्फ एन्क्रिप्शन तक सीमित नहीं हैं – वे AI-आधारित खतरे की पहचान, स्वचालित डेटा उल्लंघन की सूचना और यहां तक कि उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर नियंत्रण देने जैसी सुविधाएं भी प्रदान कर रही हैं।
इसके अलावा, सरकारों द्वारा लागू किए गए नए डेटा संरक्षण कानूनों ने भी Privacy Tools की मांग को बढ़ाया है। कई देशों में अब उपयोगकर्ताओं को उनके व्यक्तिगत डेटा के संग्रह और उपयोग के बारे में पारदर्शिता की मांग करने का अधिकार मिल गया है। ऐसे में, ऐसे टूल चुनना महत्वपूर्ण हो जाता है जो न केवल तकनीकी रूप से सुरक्षित हों, बल्कि कानूनी रूप से भी विश्वसनीय हों। 2026 में, Privacy Tools का विकास इस तरह हुआ है कि वे न केवल तकनीकी सुरक्षा प्रदान करें, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण भी दें।
Secure Email सेवाओं की नई पीढ़ी: किसे चुनना चाहिए?
Secure Email सेवाएं 2026 में सिर्फ एन्क्रिप्शन तक सीमित नहीं हैं। अब ये सेवाएं उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण देने के साथ-साथ AI-आधारित सुरक्षा सुविधाओं का भी लाभ प्रदान करती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ सेवाएं स्वचालित रूप से संदिग्ध लिंक और अटैचमेंट की पहचान करती हैं, जबकि अन्य उपयोगकर्ताओं को उनके ईमेल के माध्यम से भेजे गए डेटा के उपयोग पर नज़र रखने की सुविधा देती हैं।
Proton Mail और Tutanota जैसी सेवाएं इस क्षेत्र में अग्रणी हैं। Proton Mail न केवल End-to-End Encryption प्रदान करता है, बल्कि इसका उपयोग करना भी काफी सरल है। इसकी विशेषता यह है कि यह उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा का मालिकाना अधिकार देता है – यानी आपका डेटा केवल आपकी पहुंच में रहता है। Tutanota भी इसी तरह का दृष्टिकोण अपनाता है, लेकिन इसका इंटरफ़ेस थोड़ा सरल और उपयोगकर्ता-मित्रवत है। ये दोनों सेवाएं न केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए, बल्कि छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए भी उपयुक्त हैं, जिन्हें अपने ग्राहकों के साथ सुरक्षित संचार की आवश्यकता होती है।
दूसरी ओर, StartMail जैसी सेवाएं उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श हैं जो अतिरिक्त सुरक्षा सुविधाओं की तलाश में हैं। StartMail न केवल एन्क्रिप्टेड ईमेल प्रदान करता है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं को उनके पुराने ईमेल खातों को आयात करने की सुविधा भी देता है। इसके अलावा, यह सेवा उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर नियंत्रण देने के लिए स्पष्ट गोपनीयता नीतियां भी प्रदान करती है। यदि आप एक ऐसे Secure Email सेवा की तलाश में हैं जो न केवल तकनीकी रूप से सुरक्षित हो, बल्कि उपयोगकर्ता के अनुकूल भी हो, तो Proton Mail या Tutanota आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। वहीं, यदि आप अतिरिक्त सुविधाओं की तलाश में हैं, तो StartMail पर विचार करें।

End-to-End Encrypted Messaging: कौन से प्लेटफॉर्म सबसे सुरक्षित हैं?
2026 में, End-to-End Encrypted Messaging प्लेटफॉर्म न केवल व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए, बल्कि व्यवसायों और संगठनों के लिए भी महत्वपूर्ण हो गए हैं। ये प्लेटफॉर्म यह सुनिश्चित करते हैं कि आपके संदेश और कॉल पूरी तरह से निजी रहें, यहां तक कि प्लेटफॉर्म स्वयं भी आपके डेटा तक पहुंच नहीं सकता। Signal, Telegram और Session जैसे प्लेटफॉर्म इस क्षेत्र में अग्रणी हैं।
Signal सबसे लोकप्रिय और विश्वसनीय विकल्पों में से एक है। यह प्लेटफॉर्म न केवल End-to-End Encryption प्रदान करता है, बल्कि इसका उपयोग करना भी काफी सरल है। Signal की विशेषता यह है कि यह उपयोगकर्ताओं को उनके संदेशों और कॉल्स के माध्यम से भेजे गए मीडिया फाइलों को भी सुरक्षित रखने की सुविधा देता है। इसके अलावा, Signal उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर पूर्ण नियंत्रण देता है – यहां तक कि Signal स्वयं भी आपके संदेशों तक पहुंच नहीं सकता। यह प्लेटफॉर्म व्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है, जिन्हें अपने निजी संचार को सुरक्षित रखने की आवश्यकता होती है।
Telegram भी एक लोकप्रिय विकल्प है, लेकिन इसकी सुरक्षा सुविधाएं थोड़ी अलग हैं। Telegram न केवल End-to-End Encryption प्रदान करता है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं को उनके चैट्स को "गुप्त चैट" मोड में रखने की सुविधा भी देता है। हालांकि, Telegram का मुख्य प्लेटफॉर्म (गैर-गुप्त चैट्स) पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है, क्योंकि इसमें क्लाउड-आधारित स्टोरेज का उपयोग किया जाता है। इसलिए, यदि आप पूरी तरह से सुरक्षित संचार चाहते हैं, तो आपको Telegram के "गुप्त चैट" मोड का उपयोग करना चाहिए। Session एक और विकल्प है, जो पूरी तरह से decentralized और anonymized संचार प्रदान करता है। यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को उनके IP पते और अन्य पहचान जानकारी को छुपाने की सुविधा देता है, जिससे यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो अपनी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखना चाहते हैं।
Privacy-First Browsers: कौन सा ब्राउज़र आपकी ऑनलाइन गतिविधि को सुरक्षित रखेगा?
2026 में, Privacy-First Browsers का विकास इस तरह हुआ है कि वे न केवल ट्रैकर्स और विज्ञापनों को ब्लॉक करते हैं, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनकी ऑनलाइन गतिविधि पर पूर्ण नियंत्रण भी देते हैं। Brave, Firefox और Tor Browser जैसे ब्राउज़र इस क्षेत्र में अग्रणी हैं।
Brave ब्राउज़र अपनी गोपनीयता सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह ब्राउज़र न केवल ट्रैकर्स और विज्ञापनों को ब्लॉक करता है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर नियंत्रण देने के लिए निर्मित किया गया है। Brave का विशेषता यह है कि यह उपयोगकर्ताओं को "Basic Attention Token" (BAT) नामक क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से विज्ञापन देखने के लिए पुरस्कृत भी करता है। यह ब्राउज़र उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो न केवल अपनी गोपनीयता की रक्षा करना चाहते हैं, बल्कि ऑनलाइन विज्ञापनों से भी बचना चाहते हैं। इसके अलावा, Brave का इंटरफ़ेस काफी सरल और उपयोगकर्ता-मित्रवत है, जिससे इसे इस्तेमाल करना आसान हो जाता है।
Firefox, Mozilla द्वारा विकसित किया गया है, और यह गोपनीयता के क्षेत्र में एक और विश्वसनीय विकल्प है। Firefox न केवल ट्रैकर्स और विज्ञापनों को ब्लॉक करता है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं को उनकी ऑनलाइन गतिविधि पर पूर्ण नियंत्रण देने के लिए कई उन्नत सुविधाएं प्रदान करता है। उदाहरण के लिए, Firefox उपयोगकर्ताओं को उनके ब्राउज़िंग इतिहास, कुकीज़ और अन्य डेटा को स्वचालित रूप से हटाने की सुविधा देता है। इसके अलावा, Firefox उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर नियंत्रण देने के लिए स्पष्ट गोपनीयता नीतियां भी प्रदान करता है। यह ब्राउज़र उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो एक विश्वसनीय और उपयोगकर्ता-मित्रवत ब्राउज़र की तलाश में हैं।
Tor Browser उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो पूरी तरह से गुमनाम रहना चाहते हैं। Tor Browser उपयोगकर्ताओं के ट्रैफ़िक को कई सर्वरों के माध्यम से रूट करता है, जिससे उनकी ऑनलाइन गतिविधि को ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता है। यह ब्राउज़र उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो सरकारी निगरानी, सेंसरशिप या अन्य खतरों से बचना चाहते हैं। हालांकि, Tor Browser का उपयोग करना थोड़ा जटिल हो सकता है, और इसका इंटरफ़ेस काफी पुराने जमाने का है। इसलिए, यदि आप पूरी तरह से गुमनाम रहना चाहते हैं, तो Tor Browser आपके लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है।








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VPN vs. Proxy vs. Tor: कौन सा विकल्प आपकी आवश्यकताओं के लिए सही है?
2026 में, VPN, Proxy और Tor जैसे विकल्पों का उपयोग डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के लिए किया जाता है, लेकिन इनमें से प्रत्येक की अपनी विशेषताएं और सीमाएं हैं। सही विकल्प चुनना आपकी आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।
VPN (Virtual Private Network) उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो अपने इंटरनेट ट्रैफ़िक को पूरी तरह से सुरक्षित रखना चाहते हैं। VPN आपके ट्रैफ़िक को एन्क्रिप्ट करता है और इसे एक दूरस्थ सर्वर के माध्यम से रूट करता है, जिससे आपकी ऑनलाइन गतिविधि को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। VPN का उपयोग करते समय, आपकी असली IP पता छुप जाती है, और आप दुनिया भर के सर्वरों से कनेक्ट कर सकते हैं। Proton VPN, Mullvad और NordVPN जैसे प्रदाता इस क्षेत्र में प्रसिद्ध हैं। ये प्रदाता न केवल उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनकी गोपनीयता नीतियों के प्रति भी पारदर्शी रहते हैं।
Proxy सर्वर उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयुक्त हैं जो अपने ट्रैफ़िक को रूट करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें एन्क्रिप्शन की आवश्यकता नहीं होती। Proxy सर्वर आपके ट्रैफ़िक को एक मध्यस्थ सर्वर के माध्यम से रूट करते हैं, जिससे आपकी असली IP पता छुप जाती है। हालांकि, Proxy सर्वर आपके ट्रैफ़िक को एन्क्रिप्ट नहीं करते, इसलिए वे उन उपयोगकर्ताओं के लिए उपयुक्त नहीं हैं जो उच्च स्तर की सुरक्षा चाहते हैं। Proxy सर्वर आमतौर पर उन वेबसाइटों तक पहुंचने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं जो भू-प्रतिबंधित होती हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी ऐसी वेबसाइट तक पहुंचना चाहते हैं जो आपके देश में उपलब्ध नहीं है, तो आप एक Proxy सर्वर का उपयोग कर सकते हैं।
Tor उन उपयोगकर्ताओं के लिए आदर्श है जो पूरी तरह से गुमनाम रहना चाहते हैं। Tor आपके ट्रैफ़िक को कई सर्वरों के माध्यम से रूट करता है, जिससे आपकी ऑनलाइन गतिविधि को ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता है। Tor का उपयोग करना थोड़ा जटिल हो सकता है, लेकिन यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है जो सरकारी निगरानी, सेंसरशिप या अन्य खतरों से बचना चाहते हैं। Tor का उपयोग करते समय, आपकी असली IP पता पूरी तरह से छुप जाती है, और आप दुनिया भर के सर्वरों से कनेक्ट कर सकते हैं। हालांकि, Tor का उपयोग करना धीमा हो सकता है, क्योंकि आपके ट्रैफ़िक को कई सर्वरों के माध्यम से रूट किया जाता है।
2026 में Privacy Tools चुनते समय ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें
2026 में Privacy Tools का चयन करते समय, कई महत्वपूर्ण कारकों पर ध्यान देना चाहिए। सबसे पहला कारक है एन्क्रिप्शन का स्तर। सुनिश्चित करें कि जिस टूल का आप चयन कर रहे हैं, वह End-to-End Encryption प्रदान करता है, ताकि आपका डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहे। दूसरा कारक है उपयोगकर्ता नियंत्रण। ऐसे टूल चुनें जो आपको आपके डेटा के उपयोग पर पूर्ण नियंत्रण देते हों। उदाहरण के लिए, Proton Mail और Signal जैसे प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण देते हैं, जिससे वे अपने डेटा के उपयोग को ट्रैक कर सकते हैं और उसे प्रबंधित कर सकते हैं।
तीसरा कारक है पारदर्शिता। ऐसे टूल चुनें जो अपनी गोपनीयता नीतियों के प्रति पूरी तरह से पारदर्शी हों। उदाहरण के लिए, Mullvad VPN जैसा प्रदाता अपनी गोपनीयता नीतियों के प्रति पूरी तरह से पारदर्शी रहता है और उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर पूर्ण नियंत्रण देता है। चौथा कारक है उपयोगकर्ता-मित्रता। ऐसे टूल चुनें जो उपयोग में आसान हों और जिनका इंटरफ़ेस सरल हो। उदाहरण के लिए, Brave ब्राउज़र और Tutanota जैसे टूल उपयोगकर्ताओं को एक सरल और सहज अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें तकनीकी विशेषज्ञ होने की आवश्यकता नहीं होती।

अंत में, ऐसे टूल चुनें जो नियमित रूप से अपडेट किए जाते हों और जिनके पास एक मजबूत समुदाय हो। ऐसे टूल आमतौर पर अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होते हैं, क्योंकि वे नियमित रूप से नई सुरक्षा सुविधाओं को अपनाते रहते हैं और समुदाय द्वारा सुझाए गए सुधारों को लागू करते हैं। उदाहरण के लिए, Signal और Firefox जैसे प्लेटफॉर्म नियमित रूप से अपडेट किए जाते हैं और उनके पास एक मजबूत ओपन-सोर्स समुदाय है, जो उनकी सुरक्षा और विश्वसनीयता को सुनिश्चित करता है।
भविष्य के रुझान: Privacy Tools में क्या बदलाव आने वाले हैं?
2026 में Privacy Tools के विकास में कई नए रुझान उभर रहे हैं। सबसे पहला रुझान है AI-आधारित गोपनीयता सुरक्षा। आने वाले वर्षों में, AI तकनीक का उपयोग Privacy Tools में और भी उन्नत तरीके से किया जाएगा। उदाहरण के लिए, AI-आधारित टूल स्वचालित रूप से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर सकते हैं और उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर नियंत्रण देने के लिए अधिक सटीक सुझाव प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा, AI का उपयोग ट्रैकर्स और विज्ञापनों को और अधिक प्रभावी तरीके से ब्लॉक करने के लिए किया जा सकता है।
दूसरा रुझान है decentralized गोपनीयता उपकरणों का विकास। आने वाले वर्षों में, decentralized तकनीकों का उपयोग Privacy Tools में और भी व्यापक रूप से किया जाएगा। उदाहरण के लिए, decentralized messaging प्लेटफॉर्म जैसे Session उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण देते हैं और उन्हें पूरी तरह से गुमनाम रहने की सुविधा प्रदान करते हैं। इसके अलावा, decentralized VPN और decentralized storage जैसे उपकरण भी उभर रहे हैं, जो उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण देने के साथ-साथ उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करते हैं।
तीसरा रुझान है उपयोगकर्ता के अनुकूल गोपनीयता उपकरणों का विकास। आने वाले वर्षों में, Privacy Tools का विकास इस तरह होगा कि वे और भी उपयोगकर्ता-मित्रवत हो जाएंगे। उदाहरण के लिए, AI-आधारित सुविधाओं का उपयोग करके, Privacy Tools उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा के उपयोग पर नियंत्रण देने के लिए अधिक सहज और सरल तरीके प्रदान कर सकते हैं। इसके अलावा, उपयोगकर्ता-मित्रवत इंटरफेस और सरल सेटअप प्रक्रियाओं के माध्यम से, Privacy Tools को और भी व्यापक दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है।
निष्कर्ष: कौन से Privacy Tools 2026 में आपके लिए सही हैं?
2026 में Privacy Tools का चयन करते समय, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि कोई भी एक टूल सभी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकता। Secure Email, End-to-End Encrypted Messaging और Privacy-First Browsers जैसे टूल अलग-अलग उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, और आपको अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सही संयोजन चुनना चाहिए।
यदि आप एक Secure Email सेवा की तलाश में हैं, तो Proton Mail या Tutanota जैसे विकल्प आपके लिए बेहतर हो सकते हैं। ये सेवाएं न केवल उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान करती हैं, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण भी देती हैं। यदि आप End-to-End Encrypted Messaging की तलाश में हैं, तो Signal या Session जैसे प्लेटफॉर्म आपके लिए आदर्श हो सकते हैं। ये प्लेटफॉर्म न केवल आपके संदेशों और कॉल्स को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनकी गोपनीयता पर पूर्ण नियंत्रण भी देते हैं। अंत में, यदि आप एक Privacy-First Browser की तलाश में हैं, तो Brave, Firefox या Tor Browser जैसे विकल्प आपके लिए बेहतर हो सकते हैं। ये ब्राउज़र न केवल ट्रैकर्स और विज्ञापनों को ब्लॉक करते हैं, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनकी ऑनलाइन गतिविधि पर पूर्ण नियंत्रण भी देते हैं।
अंत में, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि Privacy Tools का चयन करते समय, पारदर्शिता, उपयोगकर्ता नियंत्रण और नियमित अपडेट जैसे कारकों पर ध्यान देना चाहिए। ऐसे टूल चुनें जो न केवल तकनीकी रूप से सुरक्षित हों, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण भी देते हों। 2026 में, Privacy Tools का विकास इस तरह हुआ है कि वे न केवल तकनीकी सुरक्षा प्रदान करें, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनके डेटा पर पूर्ण नियंत्रण भी दें। इसलिए, सही टूल चुनकर आप न केवल अपनी डिजिटल गोपनीयता की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि एक सुरक्षित और निजी डिजिटल जीवन जी सकते हैं।
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