साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी

पीपलसॉफ्ट जीरो-डे: सैकड़ों संगठनों से गीगाबाइट्स डेटा चुराने वाली भेद्यता का खुलासा

द्वारा Mag-Info Tech editorial · 2026-06-13

पीपलसॉफ्ट जीरो-डे: सैकड़ों संगठनों से गीगाबाइट्स डेटा चुराने वाली भेद्यता का खुलासा

ओरेकल के PeopleSoft सॉफ्टवेयर सूट में पाई गई एक बेहद गंभीर भेद्यता ने सैकड़ों संगठनों को निशाना बनाया है। शाइनीहंटर्स नामक रैंसमवेयर समूह ने इस जीरो-डे का फायदा उठाकर कम से कम 100 ग्राहकों पर हमले किए और उनमें से एक से फिरौती वसूली भी की। CVE-2026-35273 के रूप में ट्रैक की गई यह भेद्यता 9.8/10 की गंभीरता रेटिंग रखती है, जो इसे साल की सबसे खतरनाक कमजोरियों में शामिल करती है। गूगल की साइबर सुरक्षा टीम मैन्डिएंट के अनुसार, यह सर्वर-साइड रिक्वेस्ट फोर्जरी (SSRF) है, जिससे हमलावर संगठन की आंतरिक प्रणालियों तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। ओरेकल ने अभी तक इस दोष का पूर्ण पैच जारी नहीं किया है, लेकिन उसने एक अस्थायी उपाय सुझाया है। मैन्डिएंट ने पुष्टि की है कि पीड़ितों को डेटा चोरी के बाद फिरौती की मांग प्राप्त हो रही है। नॉटिंघम विश्वविद्यालय ने भी इस हमले की पुष्टि की है, जिसमें छात्रों का "बड़ा" डेटा चोरी किया गया। शाइनीहंटर्स ने दावा किया है कि उसने विश्वविद्यालय से गीगाबाइट्स डेटा चुराया है।

यह घटना न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से बल्कि संगठनों और उपयोगकर्ताओं के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि इस तरह की भेद्यताओं से कैसे बचा जा सकता है।

PeopleSoft क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?

PeopleSoft एक उद्यम संसाधन नियोजन (ERP) सॉफ्टवेयर सूट है जिसे ओरेकल द्वारा विकसित और प्रबंधित किया जाता है। यह मुख्य रूप से मानव संसाधन, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला और ग्राहक संबंध प्रबंधन जैसे व्यावसायिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है। बड़ी कंपनियां, सरकारी संगठन और शिक्षण संस्थान इस सॉफ्टवेयर का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं क्योंकि यह विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और डेटा प्रवाह को सुगम बनाता है। PeopleSoft का उपयोग करने वाले संगठनों में अक्सर संवेदनशील डेटा जैसे कर्मचारी रिकॉर्ड, वित्तीय जानकारी और छात्र विवरण शामिल होते हैं, जो इसे साइबर हमलावरों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य बनाते हैं।

PeopleSoft के महत्व को देखते हुए, इसमें किसी भी प्रकार की भेद्यता संगठनों के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। CVE-2026-35273 नामक यह जीरो-डे भेद्यता विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह दूर से ही शोषण योग्य है और इसे 9.8/10 की गंभीरता रेटिंग प्राप्त हुई है। इसका मतलब है कि हमलावर बिना किसी उपयोगकर्ता इंटरैक्शन के ही सिस्टम तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं और आंतरिक सेवाओं के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। यह विशेष रूप से तब चिंताजनक है जब संगठनों द्वारा PeopleSoft का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है, जिससे संभावित रूप से हजारों या लाखों लोगों का डेटा प्रभावित हो सकता है।

इसके अलावा, PeopleSoft जैसे ERP सिस्टम अक्सर कई अन्य प्रणालियों और डेटाबेस से जुड़े होते हैं, जिससे एक छोटी सी चूक पूरे संगठन की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। उदाहरण के लिए, यदि कोई हमलावर PeopleSoft के माध्यम से HR सिस्टम तक पहुंच प्राप्त कर लेता है, तो वह कर्मचारियों के व्यक्तिगत डेटा, वेतन विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच सकता है। इसी प्रकार, वित्तीय प्रणालियों तक पहुंच प्राप्त करके हमलावर धोखाधड़ी या वित्तीय नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए, PeopleSoft में सुरक्षा भेद्यताओं की पहचान और उनका शीघ्र निवारण अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शाइनीहंटर्स समूह और इसका मॉडस ऑपरेंडी

शाइनीहंटर्स एक कुख्यात रैंसमवेयर समूह है जो पिछले कुछ वर्षों से सक्रिय है। इस समूह पर कई उच्च-प्रोफाइल हमलों का आरोप है, जिनमें विभिन्न संगठनों से डेटा चोरी और फिरौती वसूली शामिल है। PeopleSoft जीरो-डे का शोषण करने वाले इस समूह ने मई 27 से ही इस भेद्यता का फायदा उठाना शुरू कर दिया था। मैन्डिएंट के अनुसार, शाइनीहंटर्स ने अब तक लगभग 300 एंडपॉइंट्स पर हमले किए हैं, जो 100 से अधिक संगठनों से संबंधित हैं। इनमें से 68% संगठन उच्च शिक्षा क्षेत्र से संबंधित हैं, जबकि शेष विभिन्न उद्योगों में फैले हुए हैं।

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इस समूह की रणनीति में आमतौर पर संवेदनशील डेटा की चोरी और उसके बाद फिरौती की मांग शामिल होती है। हमलावर पहले सिस्टम में घुसपैठ करते हैं, संवेदनशील डेटा की प्रतियां बनाते हैं, और फिर संगठन को ब्लैकमेल करते हैं। यदि संगठन फिरौती देने से इनकार करता है, तो हमलावर चुराए गए डेटा को सार्वजनिक कर देते हैं या डार्क वेब पर बेच देते हैं। PeopleSoft जीरो-डे के मामले में भी यही देखा गया है। शाइनीहंटर्स ने नॉटिंघम विश्वविद्यालय सहित कई संगठनों से डेटा चोरी करने का दावा किया है और उन्हें फिरौती की मांग भेजी है।

शाइनीहंटर्स की कार्यप्रणाली में एक और खतरनाक पहलू यह है कि यह समूह अपने हमलों को लंबे समय तक छिपाकर रखने में सक्षम होता है। PeopleSoft जीरो-डे के मामले में, ओरेकल द्वारा भेद्यता की पहचान करने से पहले ही समूह ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया था। इसका मतलब है कि संगठनों को इस बात का पता ही नहीं चला कि वे पहले ही हमलावरों के निशाने पर आ चुके हैं। यह स्थिति तब और खराब हो जाती है जब संगठनों के पास उचित निगरानी और घटना प्रतिक्रिया प्रणाली नहीं होती है, जिससे हमलावरों को और अधिक समय मिल जाता है।

SSRF भेद्यता क्या है और यह कैसे काम करती है?

CVE-2026-35273 को सर्वर-साइड रिक्वेस्ट फोर्जरी (SSRF) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। SSRF एक प्रकार की भेद्यता है जिसमें हमलावर किसी सर्वर को अनुचित तरीके से आंतरिक सेवाओं या बाहरी प्रणालियों से संपर्क करने के लिए मजबूर कर सकता है। सामान्यतः, किसी वेब एप्लिकेशन में यह भेद्यता तब उत्पन्न होती है जब एप्लिकेशन उपयोगकर्ता द्वारा प्रदान किए गए इनपुट को बिना उचित सत्यापन के सर्वर-साइड अनुरोधों में उपयोग करता है। इसके परिणामस्वरूप, हमलावर सर्वर को आंतरिक सेवाओं तक पहुंच प्राप्त करने या बाहरी प्रणालियों से डेटा प्राप्त करने के लिए बाध्य कर सकता है।

PeopleSoft में SSRF भेद्यता का शोषण करने वाले हमलावर सबसे पहले कमजोर सर्वर की पहचान करते हैं। इसके बाद, वे विशेष रूप से तैयार किए गए HTTP अनुरोध भेजते हैं, जो सर्वर को आंतरिक सेवाओं जैसे डेटाबेस, फाइल सिस्टम या अन्य बैकएंड सेवाओं तक पहुंचने के लिए प्रेरित करते हैं। उदाहरण के लिए, हमलावर सर्वर को एक अनुरोध भेज सकता है जो उसे आंतरिक एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) तक पहुंचने की अनुमति देता है, जहां संवेदनशील डेटा संग्रहीत होता है। एक बार जब हमलावर को इस डेटा तक पहुंच मिल जाती है, तो वे उसे चुरा सकते हैं या फिर उसे नष्ट करने, संशोधित करने या फिरौती देने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

SSRF भेद्यताओं का खतरा इसलिए भी अधिक होता है क्योंकि वे अक्सर उन प्रणालियों में पाए जाते हैं जो आंतरिक और बाहरी दोनों प्रकार के संचार को संभालती हैं। PeopleSoft जैसे ERP सिस्टम में, जो विभिन्न विभागों और प्रणालियों के बीच डेटा प्रवाह को संभालते हैं, SSRF का शोषण संगठन की पूरी सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। इसके अलावा, SSRF का उपयोग अन्य प्रकार के हमलों जैसे कि सर्वर से डेटा निकालना, आंतरिक सेवाओं की reconnaissance करना, या यहां तक कि पूरे नेटवर्क में आगे बढ़ने के लिए भी किया जा सकता है।

ओरेकल की प्रतिक्रिया और पैच की स्थिति

ओरेकल ने CVE-2026-35273 नामक SSRF भेद्यता की पुष्टि की है और इसे दूर से शोषण योग्य बताया है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि इस भेद्यता का उपयोग करके हमलावर संगठनों की आंतरिक प्रणालियों तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, ओरेकल ने अभी तक इस दोष का पूर्ण पैच जारी नहीं किया है, लेकिन उसने एक अस्थायी उपाय सुझाया है जिसे संगठन लागू कर सकते हैं। यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक ओरेकल इस भेद्यता के लिए एक स्थायी समाधान विकसित नहीं कर लेता।

अस्थायी उपाय के रूप में, ओरेकल ने संगठनों को सलाह दी है कि वे अपने PeopleSoft वातावरण में सुरक्षा कॉन्फ़िगरेशन को मजबूत करें। इसमें फायरवॉल नियमों को अपडेट करना, अनावश्यक सेवाओं को अक्षम करना और आंतरिक सेवाओं तक पहुंच को प्रतिबंधित करना शामिल है। इसके अलावा, ओरेकल ने संगठनों को अपने सिस्टम की निगरानी बढ़ाने और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ये उपाय कितने प्रभावी साबित होंगे, क्योंकि SSRF भेद्यताओं का शोषण अक्सर उन प्रणालियों में किया जाता है जो बाहरी अनुरोधों को स्वीकार करती हैं।

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ओरेकल की प्रतिक्रिया की एक और चिंताजनक बात यह है कि कंपनी ने भेद्यता की गंभीरता को स्वीकार करने में काफी समय लिया। शाइनीहंटर्स द्वारा हमलों की शुरुआत के दो सप्ताह बाद ही ओरेकल ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया। इसका मतलब है कि कई संगठन लंबे समय तक असुरक्षित रहे और हमलावरों द्वारा निशाना बनाए गए। इस देरी के कारण कई संगठनों को अपूरणीय क्षति हुई है, जिसमें डेटा चोरी और वित्तीय नुकसान शामिल हैं। इसके अलावा, ओरेकल के पैच की कमी के कारण संगठनों को अपने सिस्टम की सुरक्षा के लिए तृतीय-पक्ष सुरक्षा उपायों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

संगठनों पर प्रभाव: शिक्षा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित

मैन्डिएंट के अनुसार, शाइनीहंटर्स द्वारा किए गए हमलों में 68% संगठन उच्च शिक्षा क्षेत्र से संबंधित थे। इसका मतलब है कि विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शोध संस्थानों पर इस हमले का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। नॉटिंघम विश्वविद्यालय ने भी इस हमले की पुष्टि की है, जिसमें छात्रों और कर्मचारियों का बड़ा डेटा चोरी किया गया। विश्वविद्यालय ने कहा है कि चुराए गए डेटा में व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक रिकॉर्ड और वित्तीय विवरण शामिल हो सकते हैं। इस तरह के हमलों के परिणामस्वरूप न केवल संस्थानों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि छात्रों और कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी भी खतरे में पड़ जाती है।

शिक्षा क्षेत्र में इस तरह के हमलों का प्रभाव और भी गंभीर होता है क्योंकि इसमें न केवल संस्थानों का डेटा शामिल होता है, बल्कि लाखों छात्रों और शिक्षकों की व्यक्तिगत जानकारी भी शामिल होती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी विश्वविद्यालय के HR सिस्टम से कर्मचारियों के व्यक्तिगत डेटा चोरी हो जाता है, तो इसका उपयोग पहचान की चोरी या धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है। इसी प्रकार, छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड चोरी होने से उनके भविष्य के करियर पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, शोध संस्थानों में संवेदनशेल डेटा चोरी होने से बौद्धिक संपदा की चोरी भी हो सकती है, जिससे संगठन की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को नुकसान पहुंच सकता है।

इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र में PeopleSoft जैसे ERP सिस्टम का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, जिससे यह क्षेत्र विशेष रूप से कमजोर हो जाता है। अधिकांश विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के पास सीमित संसाधन होते हैं, जिनका उपयोग वे अपने सिस्टम की सुरक्षा के लिए कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, वे साइबर हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं। शिक्षा क्षेत्र में इस तरह के हमलों के बढ़ने से न केवल संस्थानों को बल्कि पूरे समाज को भी नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर असर पड़ता है।

उपयोगकर्ताओं और संगठनों के लिए व्यावहारिक सुझाव

PeopleSoft जीरो-डे जैसी भेद्यताओं से बचने के लिए संगठनों और उपयोगकर्ताओं को सक्रिय कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, संगठनों को अपने सिस्टम की नियमित रूप से निगरानी करनी चाहिए और किसी भी असामान्य गतिविधि की तुरंत जांच करनी चाहिए। इसके लिए वे साइबर सुरक्षा टीमों को मजबूत कर सकते हैं या तृतीय-पक्ष सुरक्षा सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, संगठनों को अपने कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करना चाहिए, ताकि वे सोशल इंजीनियरिंग हमलों और फिशिंग ईमेलों से बच सकें।

दूसरे, संगठनों को अपने सिस्टम के लिए नवीनतम सुरक्षा अपडेट और पैच को तुरंत लागू करना चाहिए। हालांकि, PeopleSoft जीरो-डे के मामले में ओरेकल द्वारा अभी तक पूर्ण पैच जारी नहीं किया गया है, लेकिन संगठन अस्थायी उपायों को लागू कर सकते हैं जैसे कि फायरवॉल नियमों को अपडेट करना और अनावश्यक सेवाओं को अक्षम करना। इसके अलावा, संगठनों को अपने PeopleSoft वातावरण में सुरक्षा कॉन्फ़िगरेशन को मजबूत करना चाहिए, जैसे कि आंतरिक सेवाओं तक पहुंच को प्रतिबंधित करना और मजबूत प्रमाणीकरण विधियों का उपयोग करना।

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उपयोगकर्ताओं के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि वे अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके लिए वे मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग कर सकते हैं, दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) को सक्षम कर सकते हैं और संदिग्ध लिंक या ईमेलों पर क्लिक करने से बच सकते हैं। इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं को अपने डिवाइस के सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करना चाहिए, ताकि किसी भी सुरक्षा भेद्यता को दूर किया जा सके। यदि कोई उपयोगकर्ता किसी संगठन से संबंधित है जो PeopleSoft का उपयोग करता है, तो उसे संगठन द्वारा जारी किए गए किसी भी सुरक्षा अलर्ट या निर्देश का पालन करना चाहिए।

भविष्य के लिए सबक और निगरानी के बिंदु

PeopleSoft जीरो-डे जैसी घटनाओं से सबक लेकर संगठनों को अपने साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना चाहिए। सबसे पहले, संगठनों को अपने ERP सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट औरenetration टेस्टिंग करनी चाहिए। इससे उन्हें अपनी प्रणालियों में मौजूद कमजोरियों का पता लगाने और उन्हें दूर करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, संगठनों को अपने कर्मचारियों को नियमित रूप से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए, ताकि वे नवीनतम खतरों और उनके बचाव के तरीकों से अवगत रह सकें।

दूसरे, संगठनों को अपने घटना प्रतिक्रिया योजना को अपडेट करना चाहिए, ताकि किसी भी साइबर हमले की स्थिति में वे तुरंत और प्रभावी तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें। इसमें डेटा बैकअप, रिकवरी प्लान और संचार रणनीति शामिल होनी चाहिए। इसके अलावा, संगठनों को साइबर बीमा पर भी विचार करना चाहिए, जो उन्हें साइबर हमलों के वित्तीय प्रभाव से बचाने में मदद कर सकता है। अंत में, संगठनों को सरकारी और गैर-सरकारी साइबर सुरक्षा संगठनों के साथ मिलकर काम करना चाहिए, ताकि वे नवीनतम खतरों और सुरक्षा सर्वोत्तम प्रथाओं से अपडेट रह सकें।

उपयोगकर्ताओं के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि वे साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें और अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इसके लिए वे नियमित रूप से अपने खातों की गतिविधि की निगरानी कर सकते हैं, संदिग्ध लेनदेन की रिपोर्ट कर सकते हैं और अपने डिवाइस के सुरक्षा अपडेट को तुरंत लागू कर सकते हैं। इसके अलावा, उपयोगकर्ताओं को सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का उपयोग करना चाहिए।

निष्कर्ष

PeopleSoft जीरो-डे भेद्यता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर खतरे कितने गंभीर और अप्रत्याशित हो सकते हैं। शाइनीहंटर्स जैसे समूहों द्वारा इस भेद्यता का शोषण करके सैकड़ों संगठनों से गीगाबाइट्स डेटा चोरी किया गया है, जिनमें से अधिकांश उच्च शिक्षा क्षेत्र से संबंधित हैं। ओरेकल द्वारा अभी तक पूर्ण पैच जारी नहीं किए जाने के कारण संगठनों को अस्थायी उपायों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जबकि हमलावर लगातार नए तरीकों की तलाश में रहते हैं।

इस स्थिति से निपटने के लिए संगठनों और उपयोगकर्ताओं दोनों को सक्रिय कदम उठाने चाहिए। संगठनों को अपने सिस्टम की सुरक्षा को मजबूत करना चाहिए, नियमित रूप से ऑडिट और टेस्टिंग करनी चाहिए, और अपने कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करना चाहिए। उपयोगकर्ताओं को भी अपने व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और साइबर खतरों के प्रति सजग रहना चाहिए। केवल तभी हम PeopleSoft जैसे जीरो-डे हमलों के प्रभाव को कम कर सकते हैं और अपने डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

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