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माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर में खतरनाक 'रोग प्लैनेट' जीरो-डे, जल्द ही आएगा पैच

द्वारा Mag-Info Tech editorial · 2026-06-18

माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर में खतरनाक 'रोग प्लैनेट' जीरो-डे, जल्द ही आएगा पैच

माइक्रोसॉफ्ट के विंडोज सुरक्षा केंद्र का प्रमुख घटक माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर अब एक गंभीर सुरक्षा खामी का सामना कर रहा है। कंपनी ने आधिकारिक रूप से 'रोग प्लैनेट' नामक जीरो-डे भेद्यता की पुष्टि की है, जो इसके मालवेयर प्रोटेक्शन इंजन में मौजूद है। इस भेद्यता को अब CVE-2026-50656 के रूप में पहचान मिल चुकी है और इसे सीवीएसएस स्कोर 7.8 दिया गया है, जो इसे काफी गंभीर श्रेणी में रखता है। माइक्रोसॉफ्ट ने स्पष्ट किया है कि यह एक प्रिविलेज एस्केलेशन यानी विशेषाधिकार वृद्धि संबंधी खामी है, जिसका अर्थ है कि इसका फायदा उठाकर हमलावर सिस्टम की उच्चतम अनुमतियों तक पहुंच बना सकते हैं। कंपनी ने बताया है कि वह जल्द ही इस समस्या का निवारण करने वाला एक सुरक्षा अपडेट जारी करेगी, हालांकि अभी तक इसके रिलीज की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है।

इस खामी की जानकारी सबसे पहले सुरक्षा शोधकर्ता 'काओटिक एक्लिप्स' (उर्फ नाइटमेयर-एक्लिप्स) ने सार्वजनिक की थी। उन्होंने बताया कि यह भेद्यता दरअसल एक रेस कंडीशन (प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति) का लाभ उठाती है, जिसके कारण हमलावरों को सिस्टम शेल तक पहुंच मिल सकती है। शोधकर्ता ने अपने प्रयोगों में पाया कि कुछ मशीनों पर तो इस एक्सप्लॉइट का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा सकता है, जबकि अन्य पर यह कम प्रभावी रहा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह एक्सप्लॉइट वास्तविक समय सुरक्षा मोड चालू रहने या बंद रहने, दोनों ही स्थितियों में काम करता है। यहां तक कि पैसिव मोड में भी इसके प्रभावी होने की संभावना व्यक्त की गई है, हालांकि इसकी पूरी पुष्टि के लिए और परीक्षण की आवश्यकता है। माइक्रोसॉफ्ट ने भी इस खामी की वैधता की जांच शुरू कर दी है और दावा किया है कि वह सक्रिय रूप से इस मुद्दे पर काम कर रही है।

रोग प्लैनेट क्या है और यह कैसे काम करता है?

'रोग प्लैनेट' नामक यह जीरो-डे भेद्यता मुख्य रूप से माइक्रोसॉफ्ट के मालवेयर प्रोटेक्शन इंजन में मौजूद है, जो डिफेंडर का एक अभिन्न अंग है। रेस कंडीशन नामक तकनीकी दोष का फायदा उठाकर यह हमलावरों को सिस्टम में उच्च स्तरीय पहुंच प्राप्त करने में मदद करता है। रेस कंडीशन तब उत्पन्न होता है जब सिस्टम में दो या अधिक प्रक्रियाएं एक ही संसाधन तक पहुंचने की कोशिश करती हैं, लेकिन उनके बीच तालमेल का अभाव होता है। इस स्थिति का लाभ उठाकर हमलावर सिस्टम को नियंत्रित करने वाली प्रक्रियाओं के प्रवाह को बाधित कर सकते हैं और अपनी पहुंच को बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की भेद्यता का पता लगाना और इसे ठीक करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि यह सिस्टम के भीतर गहराई से छिपी रह सकती है।

माइक्रोसॉफ्ट ने इस खामी को सीवीएसएस स्कोर 7.8 दिया है, जो इसे 'हाई' श्रेणी में रखता है। सीवीएसएस स्कोर 0 से 10 के पैमाने पर मापा जाता है, जहां 7.8 का अर्थ है कि यह भेद्यता गंभीर स्तर की है और इसके कारण संगठनों को काफी नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से, इस भेद्यता का उपयोग करके हमलावर सिस्टम में निष्पादित होने वाले किसी भी कोड को उच्च विशेषाधिकारों के साथ चला सकते हैं, जिससे वे सिस्टम की पूरी पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। यह खास तौर पर उन संगठनों के लिए खतरनाक है जो डिफेंडर पर निर्भर हैं, क्योंकि इससे उनके पूरे नेटवर्क पर हमला हो सकता है।

सुरक्षा शोधकर्ता काओटिक एक्लिप्स का योगदान

सुरक्षा शोधकर्ता काओटिक एक्लिप्स ने इस भेद्यता का पता लगाने और इसे सार्वजनिक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस एक्सप्लॉइट को विकसित करने में काफी समय लगाया है और इसे विभिन्न प्रकार के सिस्टम पर परीक्षण किया है। उनके अनुसार, कुछ प्रणालियों पर तो इस एक्सप्लॉइट का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा सकता है, जबकि अन्य पर यह कम प्रभावी रहा। उन्होंने यह भी बताया कि इस एक्सप्लॉइट का उपयोग वास्तविक समय सुरक्षा मोड चालू रहने या बंद रहने, दोनों ही स्थितियों में किया जा सकता है। यहां तक कि पैसिव मोड में भी इसके प्रभावी होने की संभावना व्यक्त की गई है, हालांकि इसकी पूरी पुष्टि के लिए और परीक्षण की आवश्यकता है।

developer typing code laptop

काओटिक एक्लिप्स इससे पहले भी माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर में तीन अन्य जीरो-डे भेद्यताओं का पता लगा चुके हैं, जिनमें 'ब्लू हैमर', 'अनडिफेंड' और 'रेड सन' शामिल हैं। इनमें से सभी भेद्यताओं के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने पहले ही पैच जारी कर चुके हैं। हालांकि, 'रोग प्लैनेट' अभी तक ठीक नहीं हुआ है, और इसके लिए एक पैच की प्रतीक्षा की जा रही है। शोधकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस बार भी उसी तकनीक का उपयोग किया है, जिसका उपयोग उन्होंने पिछली भेद्यताओं को खोजने में किया था। उनका कहना है कि यह तकनीक काफी प्रभावी साबित हुई है और इससे उन्हें माइक्रोसॉफ्ट के सुरक्षा मॉडल में कमजोरियों का पता लगाने में मदद मिली है।

माइक्रोसॉफ्ट की प्रतिक्रिया और पैच की स्थिति

माइक्रोसॉफ्ट ने इस भेद्यता की पुष्टि करते हुए कहा है कि वह इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से काम कर रही है और जल्द ही एक सुरक्षा अपडेट जारी करेगी। कंपनी ने बताया है कि वह इस भेद्यता की वैधता और इसके संभावित प्रभावों की जांच कर रही है। हालांकि, कंपनी ने अभी तक इस पैच के रिलीज की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं रखी है। इसका मतलब है कि उपयोगकर्ताओं को अभी इस खामी से सुरक्षा के लिए किसी अन्य उपाय पर निर्भर रहना होगा।

माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रवक्ता ने कहा, "हम जानते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर के मालवेयर प्रोटेक्शन इंजन में विशेषाधिकार वृद्धि की एक भेद्यता मौजूद है, जिसे सार्वजनिक रूप से 'रोग प्लैनेट' के नाम से जाना जा रहा है। हम इस भेद्यता को दूर करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाला सुरक्षा अपडेट प्रदान करने की दिशा में काम कर रहे हैं।" कंपनी ने उपयोगकर्ताओं से भी इस दौरान सतर्क रहने और किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखने की अपील की है। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी सुझाव दिया है कि उपयोगकर्ता अपने सिस्टम को अपडेट रखें और नवीनतम सुरक्षा पैच को तुरंत इंस्टॉल करें, ताकि वे किसी भी संभावित हमले से सुरक्षित रह सकें।

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इस भेद्यता से जुड़े जोखिम और संभावित प्रभाव

'रोग प्लैनेट' नामक यह जीरो-डे भेद्यता काफी गंभीर है, क्योंकि इसका उपयोग हमलावरों द्वारा सिस्टम की उच्चतम अनुमतियों तक पहुंच प्राप्त करने के लिए किया जा सकता है। इसका मतलब है कि हमलावर सिस्टम में मौजूद किसी भी डेटा तक पहुंच बना सकते हैं, उसे संशोधित कर सकते हैं या हटा सकते हैं। इसके अलावा, वे सिस्टम में नए मैलवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं, अन्य सिस्टम पर हमला करने के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं, या फिर पूरे नेटवर्क को ही नुकसान पहुंचा सकते हैं। विशेष रूप से, उन संगठनों के लिए यह खतरा और भी गंभीर है जो डिफेंडर जैसे सुरक्षा उपकरणों पर निर्भर हैं, क्योंकि इससे उनके पूरे नेटवर्क को खतरा हो सकता है।

इसके अलावा, इस भेद्यता का उपयोग रैंसमवेयर हमलों में भी किया जा सकता है। रैंसमवेयर हमलावर सिस्टम तक पहुंच प्राप्त करने के बाद, उपयोगकर्ताओं के डेटा को एन्क्रिप्ट कर देते हैं और फिर उसके बदले फिरौती की मांग करते हैं। चूंकि 'रोग प्लैनेट' के माध्यम से हमलावरों को सिस्टम की उच्चतम अनुमतियां मिल सकती हैं, इसलिए वे आसानी से पूरे सिस्टम को नियंत्रित कर सकते हैं और रैंसमवेयर हमले को अंजाम दे सकते हैं। इसके अलावा, इस भेद्यता का उपयोग स्पाइवेयर या अन्य प्रकार के दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर को इंस्टॉल करने के लिए भी किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।

उपयोगकर्ताओं और संगठनों के लिए सलाह

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा अभी तक इस भेद्यता के लिए कोई पैच जारी नहीं किया गया है, इसलिए उपयोगकर्ताओं और संगठनों को इस दौरान कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। सबसे पहले, उपयोगकर्ताओं को अपने सिस्टम को नियमित रूप से अपडेट करते रहना चाहिए, ताकि वे पहले से ज्ञात सुरक्षा खामियों से बच सकें। इसके अलावा, उन्हें अपने सिस्टम पर किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखनी चाहिए, जैसे कि अज्ञात प्रक्रियाओं का चलना, सिस्टम के प्रदर्शन में अचानक गिरावट, या फिर अनधिकृत नेटवर्क कनेक्शन।

संगठनों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि उनके नेटवर्क पर हमला होने से पूरे संगठन को नुकसान हो सकता है। संगठनों को अपने सुरक्षा उपकरणों को अपडेट रखना चाहिए और नवीनतम सुरक्षा पैच को तुरंत इंस्टॉल करना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें अपने कर्मचारियों को सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए, ताकि वे किसी भी संभावित हमले की पहचान कर सकें और उसका सामना कर सकें। संगठनों को अपने नेटवर्क की निगरानी भी करनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जांच करनी चाहिए।

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भविष्य में क्या उम्मीद की जा सकती है?

माइक्रोसॉफ्ट द्वारा 'रोग प्लैनेट' भेद्यता के लिए एक पैच जारी किए जाने की उम्मीद है, हालांकि अभी तक इसकी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। कंपनी ने बताया है कि वह इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से काम कर रही है और जल्द ही एक सुरक्षा अपडेट प्रदान करेगी। इस बीच, उपयोगकर्ताओं और संगठनों को सतर्क रहने और सुरक्षा सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, सुरक्षा शोधकर्ताओं को भी इस भेद्यता पर और अध्ययन करना चाहिए, ताकि वे इसके प्रभावों को और बेहतर तरीके से समझ सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए उपाय ढूंढ सकें।

इसके अलावा, इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि किसी भी सुरक्षा उपकरण में जीरो-डे भेद्यताएं मौजूद हो सकती हैं, और उपयोगकर्ताओं को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। संगठनों को अपने सुरक्षा उपकरणों की नियमित रूप से समीक्षा करनी चाहिए और नवीनतम सुरक्षा अपडेट को तुरंत लागू करना चाहिए। इसके अलावा, उन्हें अपने कर्मचारियों को सुरक्षा जागरूकता प्रशिक्षण प्रदान करना चाहिए, ताकि वे किसी भी संभावित हमले की पहचान कर सकें और उसका सामना कर सकें।

निष्कर्ष

माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर में 'रोग प्लैनेट' नामक जीरो-डे भेद्यता की पुष्टि होना एक गंभीर चिंता का विषय है। सीवीएसएस 7.8 स्कोर वाली यह प्रिविलेज एस्केलेशन खामी हमलावरों को सिस्टम की उच्चतम अनुमतियों तक पहुंच प्रदान कर सकती है, जिससे पूरे सिस्टम और नेटवर्क को खतरा हो सकता है। माइक्रोसॉफ्ट द्वारा जल्द ही एक पैच जारी किए जाने की उम्मीद है, लेकिन तब तक उपयोगकर्ताओं और संगठनों को सतर्क रहने और सुरक्षा सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करने की आवश्यकता है। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि सुरक्षा उपकरणों में भी जीरो-डे भेद्यताएं मौजूद हो सकती हैं, और उपयोगकर्ताओं को हमेशा सतर्क रहना चाहिए।

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