साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी

ऑरेकल पीपलसॉफ्ट सर्वरों पर ShinyHunters का हमला: 300 से ज्यादा संस्थानों का डेटा चोरी

द्वारा Mag-Info Tech editorial · 2026-06-11

ऑरेकल पीपलसॉफ्ट सर्वरों पर ShinyHunters का हमला: 300 से ज्यादा संस्थानों का डेटा चोरी

हाल ही में सामने आए एक बड़े साइबर हमले में ShinyHunters नामक साइबर अपराधी समूह ने ऑरेकल पीपलसॉफ्ट सर्वरों को निशाना बनाया है। इस हमले में उन्होंने 300 से ज्यादा संगठनों के डेटा को चुराने का दावा किया है, जिनमें ज्यादातर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संस्थान हैं। ShinyHunters ने दावा किया है कि वे पुराने और जीरो-डे कमजोरियों के जरिए इन सर्वरों में सेंध लगा रहे हैं। हालांकि, ऑरेकल ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस हमले के संकेत मिलने की पुष्टि की है।

इस हमले की खबर ने पूरे तकनीकी जगत में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि पीपलसॉफ्ट दुनिया भर की बड़ी कंपनियों और संस्थानों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रमुख एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) सॉफ्टवेयर है। मानव संसाधन, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में, अगर इस सॉफ्टवेयर में सेंध लगती है, तो इसका असर लाखों लोगों और संगठनों पर पड़ सकता है। इस लेख में हम इस हमले की पूरी जानकारी, इसके संभावित कारण, प्रभाव और बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

ShinyHunters कौन हैं और क्यों कर रहे हैं ये हमला?

ShinyHunters एक जाना-पहचाना साइबर अपराधी समूह है, जो मुख्य रूप से डेटा चोरी और फिरौती के लिए जाना जाता है। इस समूह पर पहले भी कई बड़े हमलों का आरोप लग चुका है, जिनमें टोकियो स्टॉक एक्सचेंज, Microsoft के GitHub रिपॉजिटरी और अन्य बड़ी कंपनियों के डेटा चोरी शामिल हैं। हालिया हमले में उन्होंने दावा किया है कि वे 300 से ज्यादा पीपलसॉफ्ट इंस्टेंस से डेटा चुराने में सफल रहे हैं, जिनमें 100 से ज्यादा अलग-अलग संगठन शामिल हैं।

इस समूह ने अपने हमले के पीछे का कारण बताते हुए कहा है कि उनका मुख्य लक्ष्य FBI के एक पोर्टल पर हमला करना था, जिसे पीपलसॉफ्ट पर चलाया जाता है। उनका आरोप है कि वहां कुछ गलत सूचनाओं को ठीक करना चाहते थे, लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो सके। हालांकि, इसके बाद उन्होंने कई अन्य संगठनों को निशाना बनाया और उनके डेटा को चुरा लिया। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ShinyHunters का मुख्य उद्देश्य डेटा चोरी के बाद उसे बेचना या फिरौती के लिए इस्तेमाल करना है।

ऑरेकल पीपलसॉफ्ट क्या है और क्यों है ये लक्ष्य?

पीपलसॉफ्ट एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर की बड़ी कंपनियों और संस्थानों द्वारा अपने व्यवसाय को चलाने के लिए किया जाता है। यह मानव संसाधन, वित्त, आपूर्ति श्रृंखला, खरीदारी और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। इसकी लोकप्रियता के कारण, यह साइबर अपराधियों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य बन गया है, क्योंकि इसमें संग्रहीत डेटा बेहद मूल्यवान होता है।

server room data center

ShinyHunters जैसे समूह पीपलसॉफ्ट सर्वरों को निशाना बनाते हैं क्योंकि वहां संग्रहीत डेटा में कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संवेदनशील विवरण शामिल होते हैं। ऐसे में, अगर कोई इन सर्वरों में सेंध लगा लेता है, तो वह बड़ी मात्रा में डेटा चुरा सकता है और उसका इस्तेमाल फिरौती या डेटा बेचने के लिए कर सकता है। इसके अलावा, पीपलसॉफ्ट के पुराने संस्करणों में सुरक्षा कमजोरियां होती हैं, जिनका फायदा उठाकर अपराधी आसानी से हमला कर सकते हैं।

कैसे हुआ ये हमला और कौन-कौन से संगठन प्रभावित हुए?

ShinyHunters ने अपने हमले के लिए पुराने सॉफ्टवेयर दोषों और जीरो-डे कमजोरियों का इस्तेमाल किया है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया है कि उनका हमला सभी सिस्टमों पर सफल नहीं हुआ, और इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि पीपलसॉफ्ट इंस्टेंस को कैसे कॉन्फ़िगर किया गया है। इसका मतलब है कि जिन संगठनों ने अपने सिस्टम को अपडेट नहीं रखा है, वे ज्यादा जोखिम में हैं।

इस हमले में ज्यादातर प्रभावित संगठन शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। ShinyHunters ने दावा किया है कि उन्होंने नॉटिंघम यूनिवर्सिटी सहित कई शिक्षण संस्थानों के डेटा को चुराया है, और इसे अपने लीक साइट पर भी प्रकाशित कर दिया है। नॉटिंघम यूनिवर्सिटी ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना की पुष्टि की है। इसके अलावा, सुरक्षा शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन कई ऐसे डायरेक्टरीज देखी हैं, जिनमें इस हमले से जुड़े टूल्स और सामग्री मौजूद हैं, जिससे इस हमले की पुष्टि होती है।

ऑरेकल ने अभी तक क्या कदम उठाए हैं?

अभी तक ऑरेकल ने इस हमले के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों ने ऑरेकल से संपर्क किया है, लेकिन कंपनी की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इसका मतलब है कि कंपनी इस मामले पर गंभीरता से विचार कर रही है, लेकिन अभी तक किसी ठोस कदम की घोषणा नहीं की गई है।

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इस बीच, सुरक्षा शोधकर्ताओं ने ऑरेकल पीपलसॉफ्ट उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि वे अपने सिस्टम को तुरंत अपडेट करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें। इसके अलावा, कंपनियों को अपने कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक करना चाहिए, ताकि वे किसी भी फिशिंग या सोशल इंजीनियरिंग हमले का शिकार न बनें।

कैसे बचा सकते हैं अपने संगठन को इस तरह के हमलों से?

अगर आपका संगठन पीपलसॉफ्ट का इस्तेमाल करता है, तो आपको इस तरह के हमलों से बचाव के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, अपने पीपलसॉफ्ट सिस्टम को नवीनतम संस्करण में अपडेट करें, क्योंकि पुराने संस्करणों में सुरक्षा कमजोरियां होती हैं। इसके अलावा, अपने सिस्टम के कॉन्फ़िगरेशन की समीक्षा करें और सुनिश्चित करें कि वे सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं।

दूसरा, अपने कर्मचारियों को नियमित रूप से साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण दें, ताकि वे फिशिंग ईमेल, संदिग्ध लिंक और सोशल इंजीनियरिंग हमलों की पहचान कर सकें। इसके अलावा, अपने सिस्टम में मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) को सक्षम करें, ताकि अनधिकृत पहुंच को रोका जा सके।

तीसरा, अपने संगठन के डेटा का नियमित बैकअप लें और उसे सुरक्षित स्थान पर स्टोर करें। अगर किसी कारणवश आपका डेटा चोरी हो जाता है, तो बैकअप के जरिए आप अपने व्यवसाय को जल्दी से बहाल कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने सिस्टम की निगरानी के लिए एंटरप्राइज-ग्रेड सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करें, जो रियल-टाइम में खतरों की पहचान कर सकें।

भविष्य में ऐसे हमलों से कैसे निपटा जा सकता है?

ShinyHunters जैसे समूह लगातार नए तरीके खोज रहे हैं, जिनके जरिए वे सिस्टम में सेंध लगा सकें। ऐसे में, संगठनों को भी अपने सुरक्षा उपायों को निरंतर अपडेट करते रहना चाहिए। सबसे पहले, सॉफ्टवेयर विक्रेताओं को अपने उत्पादों में सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और नियमित रूप से अपडेट जारी करने चाहिए।

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दूसरा, सरकारों और नियामक निकायों को साइबर सुरक्षा कानूनों को सख्त करना चाहिए, ताकि साइबर अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके। इसके अलावा, संगठनों को आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए, ताकि वे एक-दूसरे के साथ सुरक्षा खतरों की जानकारी साझा कर सकें और मिलकर उनका मुकाबला कर सकें।

अंत में, आम उपयोगकर्ताओं को भी साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक होना चाहिए। उन्हें फिशिंग ईमेल, संदिग्ध वेबसाइटों और सोशल इंजीनियरिंग हमलों की पहचान करनी आनी चाहिए, ताकि वे खुद को और अपने संगठन को सुरक्षित रख सकें।

निष्कर्ष

ShinyHunters द्वारा ऑरेकल पीपलसॉफ्ट सर्वरों पर किया गया हमला एक गंभीर चेतावनी है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके खोज रहे हैं, जिनके जरिए वे संवेदनशील डेटा तक पहुंच बना सकें। इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठनों को अपने सिस्टम को अपडेट रखना, कर्मचारियों को जागरूक करना और सुरक्षा उपायों को मजबूत करना कितना जरूरी है।

अगर आपका संगठन पीपलसॉफ्ट का इस्तेमाल करता है, तो तुरंत अपने सिस्टम को अपडेट करें, सुरक्षा कॉन्फ़िगरेशन की समीक्षा करें और अपने कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण दें। इसके अलावा, सरकारों और नियामक निकायों को भी सख्त कानून बनाने चाहिए, ताकि साइबर अपराधियों को कड़ी सजा मिल सके। आखिरकार, साइबर सुरक्षा एक सतत प्रक्रिया है, और इसके लिए निरंतर प्रयास और सावधानी की आवश्यकता होती है।

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