क्रिप्टो जगत में बड़ा हादसा: MEV बॉट ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ से $75 लाख की चपत, जबकि फिलीपींस ने रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन को अपनाने की तैयारी दिखाई
द्वारा Mag-Info Tech editorial · 2026-06-21

क्रिप्टो बाज़ार में पिछले कुछ दिनों से उठापटक देखने को मिल रही है। एक ओर जहाँ एथेरियम के सबसे सफल MEV बॉट में से एक ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ से $75 लाख से ज़्यादा की राशि चोरी हुई है, वहीं दूसरी ओर फिलीपींस के नियामकों ने रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह दोनों घटनाएँ अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी होने के बावजूद क्रिप्टो जगत के भविष्य को नया मोड़ देने वाली हैं। आइए, इन दोनों घटनाओं को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि इनका बाज़ार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
एथेरियम के MEV बॉट ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ पर हुआ बड़ा हमला
एथेरियम नेटवर्क पर काम करने वाले MEV (Maximal Extractable Value) बॉट्स का इस्तेमाल डेफी ट्रेडरों द्वारा किया जाता है ताकि वे अपने लेन-देन के क्रम को इस तरह से व्यवस्थित कर सकें कि उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके। इन बॉट्स का इस्तेमाल एथेरियम नेटवर्क पर होने वाले लेन-देन के क्रम को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, जिससे ट्रेडरों को फायदा होता है। ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ इन बॉट्स में सबसे सफल माना जाता था, जिसने अब तक सैकड़ों मिलियन डॉलर का मुनाफा कमाया है। लेकिन हाल ही में हुए एक हमले ने इस बॉट की कमज़ोरियों को उजागर कर दिया है।
इस हमले में हमलावर ने ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ के स्वचालित MEV निष्पादन प्रणाली को निशाना बनाया। हमलावर ने ऐसे नियंत्रित अनुबंधों का इस्तेमाल किया, जिन्होंने बॉट को धोखा देकर टोकन अनुमतियाँ प्रदान करवा लीं। इसके बाद, इन अनुमतियों का इस्तेमाल बॉट के फंड्स को निकालने के लिए किया गया। यह हमला इसलिए भी खास है क्योंकि यह MEV बॉट्स की स्वचालित निर्णय लेने की प्रणाली में एक कमी को उजागर करता है। ब्लॉकएड के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी रज़ निव ने इसे “काउंटर-एमईवी हनीपोट अटैक” कहा है, जिसमें हमलावर ने MEV बॉट्स की कमज़ोरियों का फायदा उठाया।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि MEV बॉट्स की सुरक्षा में सुधार की ज़रूरत है। Cointelegraph Research के अनुसार, एथेरियम पर सैंडविच अटैक्स के कारण ट्रेडरों को सालाना लगभग $60 मिलियन का नुकसान होता है। नवंबर 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच हर महीने 60,000 से 90,000 सैंडविच अटैक्स हुए, जिनमें से लगभग 70% ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ से जुड़े थे। इस हमले के बाद, बाज़ार में MEV बॉट्स की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। निवेशकों को अब इस बात पर ध्यान देना होगा कि वे किस तरह के प्लेटफ़ॉर्म और टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वे ऐसे हमलों से बच सकें।
MEV बॉट्स का काम और उनका महत्व
MEV बॉट्स एथेरियम नेटवर्क पर काम करने वाले स्वचालित प्रोग्राम होते हैं, जो अनफर्म्ड लेन-देन को मॉनिटर करते हैं और उनके क्रम को इस तरह से व्यवस्थित करते हैं कि ट्रेडरों को अधिकतम लाभ मिल सके। इन बॉट्स का इस्तेमाल डेफी ट्रेडरों द्वारा किया जाता है ताकि वे अपने लेन-देन के क्रम को नियंत्रित कर सकें और बाज़ार में होने वाले हेरफेर से लाभ उठा सकें। ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ जैसे बॉट्स ने अब तक लाखों-करोड़ों डॉलर का मुनाफा कमाया है, जिससे वे एथेरियम नेटवर्क पर सबसे सफल MEV बॉट्स में से एक बन गए थे।

हालांकि, इन बॉट्स का इस्तेमाल विवादास्पद भी रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि MEV बॉट्स डेफी ट्रेडरों के लिए एक तरह का “अदृश्य कर” होते हैं, क्योंकि ये बॉट्स ट्रेडरों के लेन-देन के क्रम को नियंत्रित करके उनके मुनाफे को कम कर देते हैं। Cointelegraph Research के अनुसार, सालाना लगभग $60 मिलियन का नुकसान ट्रेडरों को MEV बॉट्स के कारण होता है। इस तरह के हमलों से न केवल ट्रेडरों को नुकसान होता है, बल्कि पूरे एथेरियम नेटवर्क की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।
इस हमले के बाद, बाज़ार में MEV बॉट्स की सुरक्षा को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। निवेशकों और डेवलपर्स को अब इस बात पर ध्यान देना होगा कि वे किस तरह के प्लेटफ़ॉर्म और टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वे ऐसे हमलों से बच सकें। साथ ही, नियामकों को भी इस क्षेत्र में नए नियम और सुरक्षा उपाय लागू करने की ज़रूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हमलों को रोका जा सके।
फिलीपींस में रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन को अपनाने की तैयारी
फिलीपींस के नियामकों ने हाल ही में रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन (RWA टोकनाइजेशन) को अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। फिलीपींस के प्रतिभूति नियामक (SEC) के कमिश्नर रोजेलियो क्वेवेडो ने फिलिपिनो ब्लॉकचेन वीक 2026 के दौरान कहा कि नियामक अब पूरी तरह से आश्वस्त है कि उनके पास “उचित कानून और नियामक दृष्टिकोण” है, जो उन्हें एसेट टोकनाइजेशन को अपनाने में सक्षम बनाएगा। उनका मानना है कि यह तकनीक पूंजी बाज़ार में नवाचार को बढ़ावा दे सकती है और स्टॉक एक्सचेंजों को “क्रांतिकारी” तरीके से बदल सकती है।
एसेट टोकनाइजेशन का मतलब है कि पारंपरिक संपत्तियों जैसे रियल एस्टेट, सोना, या स्टॉक को डिजिटल टोकन के रूप में ब्लॉकचेन पर प्रस्तुत किया जाता है। इससे इन संपत्तियों को खरीदना, बेचना और ट्रांसफर करना आसान हो जाता है। फिलीपींस जैसे देशों में, जहाँ पूंजी बाज़ार अभी भी विकासशील अवस्था में है, एसेट टोकनाइजेशन से न केवल निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मज़बूती मिलेगी।
कमिश्नर क्वेवेडो ने यह भी बताया कि नियामक अब इस तकनीक को अपनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उनका कहना है कि एसेट टोकनाइजेशन से पूंजी बाज़ार में नवाचार आएगा और स्टॉक एक्सचेंजों को “क्रांतिकारी” तरीके से बदला जा सकेगा। इससे न केवल स्थानीय निवेशकों को फायदा होगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा। फिलीपींस जैसे देशों के लिए, जहाँ पारंपरिक वित्तीय प्रणाली अभी भी विकसित हो रही है, यह तकनीक एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।








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रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन के लाभ और चुनौतियाँ
एसेट टोकनाइजेशन का मुख्य लाभ यह है कि यह पारंपरिक संपत्तियों को डिजिटल टोकन के रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे उन्हें खरीदना, बेचना और ट्रांसफर करना आसान हो जाता है। इससे न केवल निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं, बल्कि पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मज़बूती मिलती है। उदाहरण के लिए, रियल एस्टेट जैसी संपत्तियों को टोकनाइज करने से उन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है, जिससे आम निवेशकों को भी इनमें निवेश करने का मौका मिलता है।
हालांकि, एसेट टोकनाइजेशन के साथ कई चुनौतियाँ भी जुड़ी हुई हैं। पहली चुनौती नियामक ढांचे की है। चूंकि यह तकनीक अभी भी नई है, इसलिए कई देशों में इसके लिए स्पष्ट कानून और नियम नहीं हैं। दूसरा, सुरक्षा का मुद्दा है। ब्लॉकचेन पर संपत्तियों को टोकनाइज करने से साइबर हमलों और धोखाधड़ी का खतरा बढ़ जाता है। तीसरा, तकनीकी चुनौतियाँ हैं, जैसे कि स्केलेबिलिटी और इंटरऑपरेबिलिटी। इन चुनौतियों को दूर करने के लिए नियामकों, डेवलपर्स और निवेशकों को मिलकर काम करना होगा।
फिलीपींस जैसे देशों में, जहाँ पूंजी बाज़ार अभी भी विकासशील अवस्था में है, एसेट टोकनाइजेशन से न केवल निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मज़बूती मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय निवेशकों को फायदा होगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा। फिलीपींस के नियामकों की इस पहल से यह संकेत मिलता है कि वे भविष्य में इस तकनीक को अपनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
क्रिप्टो बाज़ार पर प्रभाव: MEV हमले और RWA टोकनाइजेशन का असर
‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ जैसे MEV बॉट्स पर हुए हमले ने पूरे क्रिप्टो बाज़ार में हड़कंप मचा दिया है। इस हमले से न केवल उस विशेष बॉट को नुकसान हुआ है, बल्कि पूरे MEV पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा पर भी सवाल उठ गए हैं। निवेशकों और ट्रेडरों को अब इस बात पर ध्यान देना होगा कि वे किस तरह के प्लेटफ़ॉर्म और टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वे ऐसे हमलों से बच सकें। साथ ही, नियामकों को भी इस क्षेत्र में नए नियम और सुरक्षा उपाय लागू करने की ज़रूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के हमलों को रोका जा सके।
वहीं, फिलीपींस में रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन को अपनाने की तैयारी से क्रिप्टो बाज़ार में नई उम्मीदें जगी हैं। इस तकनीक से न केवल निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मज़बूती मिलेगी। इससे न केवल स्थानीय निवेशकों को फायदा होगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा। फिलीपींस जैसे देशों के लिए, जहाँ पूंजी बाज़ार अभी भी विकासशील अवस्था में है, यह तकनीक एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

इन दोनों घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि क्रिप्टो जगत लगातार विकसित हो रहा है, और इसमें नए अवसरों के साथ-साथ नई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। निवेशकों और नियामकों को इन बदलावों के साथ तालमेल बिठाने की ज़रूरत है, ताकि वे इस तेज़ी से बदलते बाज़ार में सफल हो सकें।
निवेशकों और डेवलपर्स के लिए सुझाव
इस तरह के हमलों से बचने के लिए निवेशकों और डेवलपर्स को कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए। सबसे पहले, उन्हें उन प्लेटफ़ॉर्म और टूल्स का इस्तेमाल करना चाहिए, जो उच्च सुरक्षा मानकों का पालन करते हों। दूसरा, उन्हें MEV बॉट्स और अन्य स्वचालित प्रणालियों के जोखिमों को समझना चाहिए और उनके इस्तेमाल में सावधानी बरतनी चाहिए। तीसरा, उन्हें नियामकों द्वारा जारी किए गए नए नियमों और सुरक्षा उपायों पर नज़र रखनी चाहिए, ताकि वे समय रहते आवश्यक बदलाव कर सकें।
एसेट टोकनाइजेशन के क्षेत्र में भी निवेशकों और डेवलपर्स को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस देश में वे निवेश कर रहे हैं, वहाँ एसेट टोकनाइजेशन के लिए स्पष्ट कानून और नियम हों। दूसरा, उन्हें उन प्लेटफ़ॉर्म और टूल्स का इस्तेमाल करना चाहिए, जो उच्च सुरक्षा मानकों का पालन करते हों। तीसरा, उन्हें उन जोखिमों को समझना चाहिए, जो एसेट टोकनाइजेशन से जुड़े हुए हैं, और उनके निवेश पोर्टफोलियो में विविधता लानी चाहिए।
भविष्य की दिशा: MEV सुरक्षा और RWA टोकनाइजेशन
‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ जैसे MEV बॉट्स पर हुए हमले से यह स्पष्ट होता है कि एथेरियम नेटवर्क पर सुरक्षा को लेकर नए सिरे से विचार करने की ज़रूरत है। नियामकों, डेवलपर्स और निवेशकों को मिलकर काम करना होगा ताकि MEV बॉट्स की सुरक्षा को मज़बूत किया जा सके और ऐसे हमलों को रोका जा सके। इसके लिए नए तकनीकी समाधानों के साथ-साथ नियामक ढांचे में बदलाव की भी ज़रूरत है।
वहीं, फिलीपींस जैसे देशों में रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन को अपनाने की तैयारी से यह संकेत मिलता है कि भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल और भी बढ़ेगा। इससे न केवल निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पूरे वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मज़बूती मिलेगी। नियामकों को इस तकनीक को अपनाने के लिए स्पष्ट कानून और नियम बनाने चाहिए, ताकि निवेशकों को सुरक्षा और विश्वास मिल सके।
क्रिप्टो जगत में हाल ही में हुई इन दोनों घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह क्षेत्र लगातार विकसित हो रहा है, और इसमें नए अवसरों के साथ-साथ नई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं। ‘जेरेडफ्रॉमसबवे.एथ’ जैसे MEV बॉट्स पर हुए हमले ने जहाँ एक ओर सुरक्षा के मुद्दों को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर फिलीपींस में रियल-वर्ल्ड एसेट टोकनाइजेशन को अपनाने की तैयारी ने इस तकनीक के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। निवेशकों, डेवलपर्स और नियामकों को इन बदलावों के साथ तालमेल बिठाने की ज़रूरत है, ताकि वे इस तेज़ी से बदलते बाज़ार में सफल हो सकें। आने वाले समय में, सुरक्षा, नियामक ढांचे और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में और भी विकास देखने को मिलेगा, जो क्रिप्टो जगत के भविष्य को नया आकार देंगे।
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