2026 में क्रिप्टो मार्केट विश्लेषण के नए दौर: ऑन-चेन डेटा, फंडिंग, लिक्विडेशन और सेंटिमेंट
द्वारा Mag-Info Tech editorial · 2026-06-10

क्रिप्टो मार्केट विश्लेषण लगातार विकसित हो रहा है, और 2026 तक यह क्षेत्र ऑन-चेन डेटा, फंडिंग, लिक्विडेशन और सेंटिमेंट जैसे प्रमुख संकेतकों पर ज्यादा केंद्रित हो गया है. निवेशक अब सिर्फ कीमत और वॉल्यूम तक सीमित नहीं रहना चाहते; वे वास्तविक समय में नेटवर्क की गतिविधि, डेवलपर गतिविधि, मार्केट सेंटिमेंट और लिक्विडेशन जैसी गहरी जानकारी चाहते हैं. यह बदलाव इसलिए आया है क्योंकि क्रिप्टो मार्केट अब सिर्फ स्पpek्युलेशन तक सीमित नहीं रहा; यह एक तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र बन चुका है जहां ऑन-चेन डेटा, डीएफआई गतिविधि और संस्थागत फंडिंग प्रवाह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
इस लेख में हम 2026 में क्रिप्टो मार्केट विश्लेषण के प्रमुख रुझानों, उन टूल्स और प्लेटफार्मों पर चर्चा करेंगे जो इन संकेतकों तक पहुंच प्रदान करते हैं, और यह समझेंगे कि कौन से टूल किस तरह के उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे उपयुक्त हैं. साथ ही, हम यह भी देखेंगे कि आने वाले समय में मार्केट विश्लेषण में कौन से बदलाव देखने को मिल सकते हैं और निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए.
ऑन-चेन डेटा: ब्लॉकचेन की असली ताकत
ऑन-चेन डेटा अब सिर्फ लेन-देन और वॉल्यूम तक सीमित नहीं रहा. 2026 में यह डेटा नेटवर्क हेल्थ, डेवलपर गतिविधि, स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट इंटरैक्शन और यहां तक कि डीएफआई प्रोटोकॉल के जोखिम विश्लेषण तक पहुंच चुका है. उदाहरण के लिए, बिटकॉइन और एथेरियम जैसे प्रमुख नेटवर्क पर सक्रिय एड्रेस, नेटवर्क फीस, हैश रेट और गैस यूटिलाइजेशन जैसे मेट्रिक्स अब निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं. ये डेटा स्रोत निवेशकों को यह समझने में मदद करते हैं कि कोई नेटवर्क कितना सक्रिय है, कितना विकेंद्रित है, और कितना सुरक्षित है.
इस क्षेत्र में प्रमुख टूल्स में ग्लासनोड, नान्सेन और ड्यून एनालिटिक्स शामिल हैं. ये प्लेटफॉर्म ऑन-चेन डेटा को आसानी से समझने योग्य चार्ट और रिपोर्ट में बदल देते हैं. उदाहरण के लिए, ग्लासनोड बिटकॉइन नेटवर्क के विभिन्न पहलुओं जैसे कि सक्रिय एड्रेस, UTXO वृद्धि, और लॉन्ग-टर्म होल्डर्स के व्यवहार का विश्लेषण प्रदान करता है. इसी तरह, नान्सेन डीएफआई प्रोटोकॉल जैसे यूनिस्वैप, एवे और मेकरडीएओ के ऑन-चेन लेन-देन और लिक्विडिटी पूल्स का गहन विश्लेषण उपलब्ध कराता है. ये टूल्स उन निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी हैं जो डीएफआई और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्लेटफॉर्म में निवेश कर रहे हैं.
ऑन-चेन डेटा का उपयोग करने वाले निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह डेटा ऐतिहासिक और वास्तविक समय दोनों तरह का होता है. ऐतिहासिक डेटा से लंबी अवधि के रुझानों को समझा जा सकता है, जबकि वास्तविक समय डेटा से तुरंत निर्णय लिए जा सकते हैं. हालांकि, ऑन-चेन डेटा की सीमा यह है कि यह केवल ब्लॉकचेन पर उपलब्ध जानकारी तक ही सीमित रहता है. ऑफ-चेन डेटा जैसे कि संस्थागत निवेशकों की गतिविधि या मीडिया सेंटिमेंट को समझने के लिए अन्य टूल्स की आवश्यकता होती है.
फंडिंग राउंड और निवेश प्रवाह: संस्थागत रुचि का संकेत
क्रिप्टो मार्केट में संस्थागत निवेश का प्रवेश अब एक सामान्य बात हो गई है. 2026 में, फंडिंग राउंड और निवेश प्रवाह का विश्लेषण करना निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है. इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलती है कि कौन से क्षेत्र सबसे ज्यादा आकर्षक हैं, कौन सी कंपनियां विकास कर रही हैं, और कौन से प्रोजेक्ट्स को संस्थागत समर्थन मिल रहा है. यह जानकारी निवेशकों को लंबी अवधि के निवेश के अवसरों की पहचान करने में मदद करती है.
इस क्षेत्र में प्रमुख टूल्स में क्रंचबेस, डीएमसी मेडिया और मेसारी शामिल हैं. ये प्लेटफॉर्म विभिन्न क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स, स्टार्टअप्स और निवेश राउंड्स के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हैं. उदाहरण के लिए, क्रंचबेस स्टार्टअप्स के फंडिंग इतिहास, निवेशकों और मूल्यांकन जैसे डेटा को ट्रैक करता है, जबकि मेसारी विभिन्न क्रिप्टो एसेट्स के मार्केट कैप, ट्रेडिंग वॉल्यूम और विकास मेट्रिक्स का विश्लेषण उपलब्ध कराता है. ये टूल्स उन निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी हैं जो नए प्रोजेक्ट्स में निवेश करना चाहते हैं या संस्थागत निवेशकों की गतिविधि को समझना चाहते हैं.
फंडिंग डेटा का विश्लेषण करते समय निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि फंडिंग राउंड्स का मतलब हमेशा सफलता नहीं होता. कई बार कंपनियां फंडिंग जुटाती हैं लेकिन बाद में उनका विकास धीमा पड़ जाता है. इसलिए, फंडिंग डेटा के साथ-साथ प्रोजेक्ट के तकनीकी विकास, टीम और रोडमैप का भी विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है. इसके अलावा, फंडिंग डेटा को वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और नियामक परिवर्तनों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए.

लिक्विडेशन डेटा: मार्केट मूवमेंट्स का संकेत
लिक्विडेशन डेटा अब सिर्फ परफॉर्मेंस मीट्रिक नहीं रहा; यह मार्केट मूवमेंट्स और जोखिम के संकेतक के रूप में भी महत्वपूर्ण हो गया है. 2026 में, लिक्विडेशन डेटा का उपयोग ट्रेडर्स और निवेशकों द्वारा मार्केट की अस्थिरता, लीवरेज्ड ट्रेड्स के जोखिम और मार्केट सेंटिमेंट का आकलन करने के लिए किया जा रहा है. जब बड़ी मात्रा में लिक्विडेशन होती है, तो यह अक्सर मार्केट में तेजी या मंदी का संकेत होता है. उदाहरण के लिए, अगर बिटकॉइन या एथेरियम में बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन होती है, तो यह मार्केट में गिरावट का संकेत हो सकता है.
इस क्षेत्र में प्रमुख टूल्स में कॉइनग्लास, बायबिट लिक्विडेशन डेटा और ट्रेडिंग व्यू शामिल हैं. ये प्लेटफॉर्म विभिन्न एक्सचेंजों पर होने वाली लिक्विडेशन को ट्रैक करते हैं और उन्हें वास्तविक समय में प्रदर्शित करते हैं. उदाहरण के लिए, कॉइनग्लास विभिन्न एक्सचेंजों पर होने वाली लिक्विडेशन की मात्रा, मूल्य और प्रकार (लॉन्ग या शॉर्ट) का विश्लेषण उपलब्ध कराता है. इसी तरह, ट्रेडिंग व्यू लिक्विडेशन डेटा को चार्ट्स और इंडिकेटर्स के माध्यम से प्रदर्शित करता है, जिससे ट्रेडर्स को मार्केट मूवमेंट्स का बेहतर आकलन करने में मदद मिलती है.
लिक्विडेशन डेटा का उपयोग करते समय निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह डेटा केवल लीवरेज्ड ट्रेड्स से संबंधित होता है. बिना लीवरेज वाले ट्रेड्स के लिए लिक्विडेशन डेटा प्रासंगिक नहीं होता. इसके अलावा, लिक्विडेशन डेटा को अन्य मार्केट इंडिकेटर्स जैसे कि वॉल्यूम, कीमत और सेंटिमेंट इंडेक्स के साथ मिलाकर देखा जाना चाहिए. इससे निवेशकों को मार्केट की स्थिति का अधिक सटीक आकलन करने में मदद मिलती है.
सेंटिमेंट विश्लेषण: मीडिया और सोशल मीडिया का प्रभाव
क्रिप्टो मार्केट में सेंटिमेंट विश्लेषण अब सिर्फ कीवर्ड ट्रैकिंग तक सीमित नहीं रहा. 2026 में, सेंटिमेंट विश्लेषण सोशल मीडिया, समाचार लेख, फोरम चर्चाएं और यहां तक कि सरकारी नीतियों जैसे विभिन्न स्रोतों से डेटा एकत्र करता है. यह निवेशकों को मार्केट के मूड और भावना को समझने में मदद करता है. उदाहरण के लिए, अगर सोशल मीडिया पर किसी विशेष क्रिप्टोकरेंसी के बारे में सकारात्मक चर्चा बढ़ रही है, तो यह मार्केट में तेजी का संकेत हो सकता है. इसी तरह, अगर किसी सरकार द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने की चर्चा हो रही है, तो यह मार्केट में मंदी का संकेत हो सकता है.
इस क्षेत्र में प्रमुख टूल्स में लूनरक्रश, सेंटिमेंट और क्रिप्टोपanic शामिल हैं. ये प्लेटफॉर्म विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, समाचार वेबसाइट्स और फोरम्स से डेटा एकत्र करते हैं और उसे सेंटिमेंट स्कोर में बदल देते हैं. उदाहरण के लिए, लूनरक्रश विभिन्न क्रिप्टोकरेंसी के लिए सोशल मीडिया सेंटिमेंट, ट्रेंडिंग कीवर्ड्स और प्रभावशाली व्यक्तियों की गतिविधि का विश्लेषण उपलब्ध कराता है. इसी तरह, सेंटिमेंट समाचार लेखों और सरकारी नीतियों के आधार पर सेंटिमेंट स्कोर प्रदान करता है.
सेंटिमेंट विश्लेषण का उपयोग करते समय निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह डेटा केवल भावना को दर्शाता है, न कि मार्केट के वास्तविक प्रदर्शन को. इसलिए, सेंटिमेंट डेटा को अन्य मार्केट इंडिकेटर्स जैसे कि कीमत, वॉल्यूम और ऑन-चेन डेटा के साथ मिलाकर देखा जाना चाहिए. इसके अलावा, सेंटिमेंट विश्लेषण में पूर्वाग्रह और गलत सूचना का जोखिम भी होता है, इसलिए विश्वसनीय स्रोतों से डेटा एकत्र करना महत्वपूर्ण है.
डीएफआई और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट विश्लेषण: जोखिम और अवसर








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डीएफआई (डीसेंट्रलाइज़्ड फाइनेंस) और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट प्लेटफॉर्म्स के उदय के साथ ही, इन क्षेत्रों का विश्लेषण करना निवेशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है. 2026 में, डीएफआई प्रोटोकॉल जैसे कि एवे, कंपाउंड और मेकरडीएओ के ऑन-चेन लेन-देन, लिक्विडिटी पूल्स और जोखिम मेट्रिक्स का विश्लेषण निवेशकों को इन प्लेटफॉर्म्स की स्थिरता और विकास क्षमता को समझने में मदद करता है. उदाहरण के लिए, डीएफआई प्रोटोकॉल में होने वाले हैक या स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बग्स का पता लगाने के लिए ऑन-चेन डेटा का उपयोग किया जा सकता है.

इस क्षेत्र में प्रमुख टूल्स में डीएफआई पल्स, डेफी लामा और डीएक्सटूल शामिल हैं. ये प्लेटफॉर्म विभिन्न डीएफआई प्रोटोकॉल्स के लिए कुल लॉक्ड वैल्यू (टीवीएल), लिक्विडिटी पूल्स, और उपयोगकर्ता गतिविधि जैसे मेट्रिक्स प्रदान करते हैं. उदाहरण के लिए, डीएफआई पल्स विभिन्न डीएफआई प्रोटोकॉल्स के टीवीएल और उपयोगकर्ता गतिविधि का विश्लेषण उपलब्ध कराता है, जबकि डेफी लामा विभिन्न डीएफआई प्रोटोकॉल्स के स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स की सुरक्षा और जोखिम का आकलन करता है.
डीएफआई और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट विश्लेषण करते समय निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इन प्लेटफॉर्म्स में जोखिम की मात्रा अधिक होती है. स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट बग्स, हैकिंग हमले और नियामक अनिश्चितताएं जैसे जोखिम निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. इसलिए, डीएफआई निवेशकों को हमेशा अपने जोखिम प्रबंधन का ध्यान रखना चाहिए और केवल उन्हीं प्रोटोकॉल्स में निवेश करना चाहिए जिनकी उन्हें पूरी समझ हो.
रेगुलेटरी और कानूनी विश्लेषण: नियामक परिवर्तनों का प्रभाव
क्रिप्टो मार्केट में नियामक परिवर्तन अब सिर्फ कानूनी चर्चा तक सीमित नहीं रहे; वे मार्केट प्रदर्शन पर सीधा प्रभाव डालने लगे हैं. 2026 में, निवेशकों को वैश्विक नियामक परिवर्तनों, सरकारी नीतियों और कानूनी मुकदमों पर नजर रखनी होगी. उदाहरण के लिए, अगर किसी देश में क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाया जाता है, तो इसका सीधा असर उस देश के निवेशकों और प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकता है. इसी तरह, अगर किसी देश में क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मान्यता मिलती है, तो इससे मार्केट में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है.
इस क्षेत्र में प्रमुख टूल्स में कॉइनसेंटर, रेगुलेटरी डेटाबेस और कानूनी विश्लेषण प्लेटफॉर्म शामिल हैं. ये प्लेटफॉर्म विभिन्न देशों के नियामक परिवर्तनों, कानूनी मुकदमों और सरकारी नीतियों का विश्लेषण उपलब्ध कराते हैं. उदाहरण के लिए, कॉइनसेंटर विभिन्न देशों के क्रिप्टो नियमों और कानूनी परिवर्तनों का ट्रैक रखता है, जबकि रेगुलेटरी डेटाबेस सरकारी नीतियों और नियामक घोषणाओं का विश्लेषण प्रदान करता है.
नियामक विश्लेषण करते समय निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि नियामक परिवर्तन अक्सर अप्रत्याशित होते हैं और उनका प्रभाव तुरंत दिखाई नहीं देता. इसलिए, निवेशकों को वैश्विक नियामक माहौल पर नजर रखनी चाहिए और अपने निवेश पोर्टफोलियो को नियामक परिवर्तनों के अनुसार समायोजित करना चाहिए. इसके अलावा, नियामक विश्लेषण में कानूनी विशेषज्ञों की राय लेना भी महत्वपूर्ण है, खासकर उन देशों में जहां नियामक माहौल जटिल हो.
प्रमुख टूल्स की तुलना और चुनाव के मापदंड
2026 में क्रिप्टो मार्केट विश्लेषण के लिए उपलब्ध टूल्स की संख्या और विविधता में काफी वृद्धि हुई है. निवेशकों को अपने लिए सही टूल चुनने के लिए निम्नलिखित मापदंडों पर विचार करना चाहिए:
- डेटा कवरेज: टूल कितने व्यापक और विविध डेटा स्रोतों तक पहुंच रखता है? क्या यह ऑन-चेन डेटा, ऑफ-चेन डेटा, फंडिंग डेटा, लिक्विडेशन डेटा और सेंटिमेंट डेटा को कवर करता है?
- यूजर इंटरफेस और एक्सेसिबिलिटी: टूल का यूजर इंटरफेस कितना सहज और उपयोगकर्ता-मित्रवत है? क्या यह मोबाइल और डेस्कटॉप दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है?
- रियल-टाइम अपडेट्स: क्या टूल रियल-टाइम डेटा अपडेट्स प्रदान करता है? निवेशकों को तुरंत निर्णय लेने के लिए रियल-टाइम डेटा की आवश्यकता होती है.
- विशेषताएं और विश्लेषण क्षमता: टूल कितनी उन्नत विशेषताएं और विश्लेषण क्षमता प्रदान करता है? क्या यह चार्ट्स, इंडिकेटर्स, अलर्ट्स और रिपोर्ट्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है?
- मूल्य और लागत: टूल की लागत कितनी है? क्या यह निशुल्क है, या इसके लिए सदस्यता शुल्क देना पड़ता है? निवेशकों को अपने बजट के अनुसार टूल चुनना चाहिए.
- ग्राहक सहायता और सामुदायिक समर्थन: क्या टूल अच्छी ग्राहक सहायता और सामुदायिक समर्थन प्रदान करता है? निवेशकों को ऐसे टूल्स चुनने चाहिए जिनके पीछे एक सक्रिय और मददगार समुदाय हो.

उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक मुख्य रूप से ऑन-चेन डेटा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, तो ग्लासनोड और नान्सेन जैसे टूल्स उसके लिए उपयुक्त हो सकते हैं. वहीं, अगर कोई निवेशक डीएफआई प्रोटोकॉल्स में निवेश कर रहा है, तो डीएफआई पल्स और डेफी लामा जैसे टूल्स उसके लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं. इसी तरह, अगर कोई निवेशक नियामक परिवर्तनों पर नजर रखना चाहता है, तो कॉइनसेंटर जैसे टूल्स उसके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं.
आने वाले समय में क्या देखने को मिल सकता है?
2026 में क्रिप्टो मार्केट विश्लेषण के क्षेत्र में और भी अधिक नवाचार और विकास देखने को मिल सकता है. आने वाले समय में निम्नलिखित रुझानों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा:
- एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग: एआई और मशीन लर्निंग तकनीकों का उपयोग डेटा विश्लेषण, पैटर्न पहचान और पूर्वानुमान लगाने में तेजी से बढ़ रहा है. आने वाले समय में, एआई-आधारित विश्लेषण टूल्स निवेशकों को और भी सटीक और व्यक्तिगत विश्लेषण प्रदान कर सकते हैं.
- क्रॉस-चेन डेटा विश्लेषण: विभिन्न ब्लॉकचेन नेटवर्क्स के बीच डेटा का आदान-प्रदान और विश्लेषण अब ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है. आने वाले समय में, क्रॉस-चेन डेटा विश्लेषण टूल्स निवेशकों को विभिन्न नेटवर्क्स के बीच संबंधों और प्रवाहों को समझने में मदद कर सकते हैं.
- विकेंद्रित विश्लेषण प्लेटफॉर्म्स: विकेंद्रित विश्लेषण प्लेटफॉर्म्स का उदय हो रहा है, जहां उपयोगकर्ता अपने डेटा को नियंत्रित कर सकते हैं और इसे सुरक्षित रूप से साझा कर सकते हैं. आने वाले समय में, ऐसे प्लेटफॉर्म्स निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो सकते हैं.
- नियामक अनुपालन और रिपोर्टिंग: नियामक परिवर्तनों के साथ, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो और लेन-देन का नियामक अनुपालन सुनिश्चित करना होगा. आने वाले समय में, नियामक अनुपालन और रिपोर्टिंग टूल्स की मांग बढ़ सकती है.
निवेशकों को इन रुझानों पर नजर रखनी चाहिए और अपने विश्लेषण टूल्स और रणनीतियों को इन परिवर्तनों के अनुसार अपडेट करते रहना चाहिए. इसके अलावा, उन्हें नए टूल्स और तकनीकों को अपनाने के लिए खुला रहना चाहिए, ताकि वे मार्केट के विकास के साथ तालमेल बिठा सकें.
निष्कर्ष: सही टूल चुनना और अपडेट रहना
2026 में क्रिप्टो मार्केट विश्लेषण का क्षेत्र पहले से कहीं ज्यादा गतिशील और विविध हो गया है. ऑन-चेन डेटा, फंडिंग, लिक्विडेशन, सेंटिमेंट और डीएफआई विश्लेषण जैसे संकेतकों तक पहुंच अब निवेशकों के लिए अनिवार्य हो गई है. सही टूल चुनना और इन संकेतकों को समझना निवेशकों को बेहतर निर्णय लेने और जोखिम प्रबंधन में मदद कर सकता है.
हालांकि, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी टूल या विश्लेषण विधि पूरी तरह से सटीक नहीं हो सकती. मार्केट विश्लेषण एक कला और विज्ञान का मिश्रण है, और निवेशकों को हमेशा अपने निर्णयों के लिए विभिन्न स्रोतों से डेटा एकत्र करना चाहिए. इसके अलावा, उन्हें अपने निवेश लक्ष्यों, जोखिम सहनशीलता और बजट के अनुसार टूल्स का चयन करना चाहिए.
अंत में, क्रिप्टो मार्केट विश्लेषण के क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहे हैं, और निवेशकों को इन बदलावों के साथ अपडेट रहना चाहिए. नए टूल्स, तकनीकों और रुझानों को अपनाने से उन्हें मार्केट के विकास के साथ तालमेल बिठाने और बेहतर निवेश निर्णय लेने में मदद मिलेगी.
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